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प्रेम क्या है गीता के अनुसार ?

🍃🌷🍃जय राधेश्याम की 🍃🌷🍃


 प्रेम क्या है गीता के

 अनुसार ?






गीता में श्री कृष्ण ने कहा है,

 प्रेम का अर्थ किसी को पाना 

नहीं किन्तु उसमें खो जाना है.

 श्री कृष्ण कहते हैं की हमें प्रेम 

में त्याग करना पड़ता है. प्रेम

 वो नहीं है जिसे छीन कर या

 मांग कर लिया जाए बल्कि 

प्रेम वही है जहां त्याग है. 

श्रीकृष्ण कहते हैं कि किसी 

भी व्यक्ति से ज्यादा लगाव

 हानिकारक बन जाता है.

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